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नकाब_जिस्म_की_आबरू_की_हिफाज़त_करता_है

*#नकाब_जिस्म_की_आबरू_की_हिफाज़त_करता_है* 




#मेरा_जिस्म_मेरी_मर्ज़ी
एक नौ जवान लड़की को जवान लड़के के मुसलसल घूरने (देखना) से लड़की को कबाहट (नफ़रत) हुई तो साथ वाली सीट पे बैठी हुई बुज़ुर्ग महिला से मुखातिब होकर बोली,



एक बदतमीज आदमी  हमको पिछले काफी वक्त से लगातार देखते ही जा रहा है रहा है ।

बुज़ुर्ग औरत ने एक लम्बी सांस लेकर इत्मीनान से जवाब दिया,
*बेटा ये क्या देख रहा है ? वही देख रहा है जो दिखाने के लिए आपने इस तरह का इतना फिट (चुश्त) लिबास (कपड़ा)  पहन रखी हो *

लड़की एक बार फिर तिलमिला उठी और गरज दार आवाज़ मे कहने लगी
"मेरा जिस्म मेरी मर्ज़ी"
बुज़ुर्ग औरत इस बेवकूफाना जुमले को सुनकर अपने जज़्बात पर काबू पा न सकी और कहने लगी
अगर तुम्हारी शरीर तुम्हारे बस में नहीं है । उसने कौनसी अपनी आंखें बैंक से loan ले रखी है ! वही देख रहा है ।
#उसकी_आंखें_उसकी_मर्ज़ी

तुम नकाब मे रहो दुनिया अपनी औकात मे रहेगी

#alfazesadik

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